Network Device Kya Hai? – What is Network Device in Hindi

0
119
network device kya hai

Network Device Kya Hai? – What is Network Device in Hindi : – Hello Friends ! इस आर्टिकल में हम आपको Network Device के बारे में जानकारी देने वाले है जैसे की Network Device क्या होते है , Network Device कितने तरह के होते है इसके बारे में पूरी जानकारी हम आपको इस एक आर्टिकल में देने वाले है।

तो चलिए जानते है की Network Device Kya Hai? (Network Device in Hindi)

Network Device क्या है? – What is Network Device?

जिन Device से Network को Create ये Develop किया जाता है उन सभी Devices को Network Device बोला जाता है। जिन Device से Network को Create ये Develop किया जाता है उन सभी Devices को Network Device बोला जाता है।

Network Device या फिर Network Hardware Physical Device ही होते है , जो की Computer Network में Hardware के बीच Communication के लिए बहुत जरुरी है। Network Device की Help से दो या दो से ज्यादा Computer System को या फिर समझ लीजिये दो Electronic Device को आपस में Connect किया जाता है।

Examples of Network Device in hindi : Repeater, Router, NIC, Modem, Hub, Switch, Multiplexer, DSL, Bridge, Amplifier और Gateway etc.

Types of Network Device – नेटवर्क डिवाइस के प्रकार

  1. Hub
  2. Switch
  3. Router
  4. Bridge
  5. Gateway
  6. Modem
  7. Repeater
  8. Multiplexer
  9. DSL
  10. Amplifier
  11. NIC

What is HUB in Hindi? – HUB क्या है?

Hub की मदद से बहुत से Computer Network Device को एक साथ Connect किया जाता है। Hub भी एक तरह से एक Repeater की तरह काम करता है। ये उन Signals की Range को बढ़ाने में Help करता है जो Connecting Cables पर Long Distances के बाद lost हो जाते है।

Network Connecting Devices में Hub सबसे Easy माना जाता है क्योंकि ये LAN (Local Area Network) Components को Same Protocol के साथ जोड़ के रखता है।

Types of HUB (हब के प्रकार)

HUB को Main दो Parts में Divide किया गया है First है ACTIVE HUB और दुसरा PASSIVE HUB

Active Hub : –

Active Hub का Use सिर्फ Connector की तरह किया जाता है , इसकी Help से आप Signal को Regenerate नहीं करा सकते है। इस तरह के हब की खुद की Power Supply होती है , और ये Network के साथ साथ Signal को साफ़। Boost और Relay करते है। इसको Multiport Repeater भी बोला जाता है क्योँकि ये एक Interface की जैसे काम करता है। ये Data को Send करने से पहले उसे Check भी करता है।

Passive Hub : –

ये इस तरह के हब होते हैं जो Nodes से Wiring और Active Hub से Lightning की Supply को Collect करते हैं । ये हब Network को Relay करते है बिना सफाई और बूस्ट किए। यह एक Connector की तरह काम करते है और Topology का Use करते है बहुत से Wires को Connect करने के लिए।

Advantage of HUB

  • Network के Size को Increase कराने में करता है।
  • हब को Use करने से Network के Performance पर कोई फर्क नहीं पड़ता है।
  • ये अलग अलग Types के Network Media को Support करता है।

Disadvantage of HUB

  • हब Network Traffic को Filter नहीं कर पाता है।
  • Network Traffic को Reduce नहीं कर पाता है।
  • Different Different Network Architecture को connect नहीं कर सकता है।

What is Repeater in Hindi ? Repeater क्या है?

ये एक Electronic Device है जो की Signals को Amplified करता है। ये इस तरह का Device है जो की Signal को Receives करने के बाद उसे Higher Level या फिर Higher Power पर दुबारा Transmit करने का काम करता है। इससे होता है की Signals Long Distance को भी Cover कर पाते है। Repeaters Physical Layer पर काम करता है।

Repeaters का Use Digital Signal को Regenerate करने के लिए किया जाता है। जब कभी Network में Transmission Long Distance को Cover करने के लिए किया जाता है तो Signals के Weak होने के Chances होते है , तो उस Time Repeater का Use किया जाता है।

repeater

Repeater के Advantage क्या है? – Advantage of Repeater in Hindi

  • Repeater की Help से आप Signal को Regenerate करके Long Distance तक Transmit कर सकते है।
  • Repeater एक बहुत ही Simple Device के जैसे है , इसको Use करने के लिए किसी भी तरह की Technical Skills की जरुरत नहीं होती है।
  • Repeater की Cost बिल्कुल भी ज्यादा नहीं है , यानि की इसको Network में Use करने से Network की Cost पर कोई ज्यादा असर नहीं पड़ता है।
  • Repeater Signal को तो Regenerate करता ही ही साथ में ये Signal में Available Noise और Error को भी Repair करने का काम करता है।
  • Repeater Different Different Types के Media से Connect हो के काम करता है , जैसे की Twisted Pair Cable , Fiber Optics

Repeater के Disadvantage क्या है? – Disadvantage of Repeater in Hindi

  • Repeater का Use सिर्फ Digital Signal में ही किया जाता है , इसका Use Analog Signal में नहीं किया जाता है क्योंकि ये इसके लिए काम नहीं कर सकता है।
  • ये सिर्फ एक ही तरह के Protocol पर काम करता है।
  • Repeater में Network को Monitor करने या फिर इसके ठीक करने का Function Available नहीं है।
  • इसका Use करके दो Different Different LAN को एक साथ Connect नहीं कर सकते है।
  • ये Network के Traffic को Filter नहीं कर पाता है।

Conclusion

इस आर्टिकल में हमने आपको Network Device के बारे में बताया है। उसके साथ साथ Network Device के Parts , उम्मीद है आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा। Network Device से जुड़ा कोई भी सवाल आपके मन में है तो आप हमे Comment करके पूछ सकते है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here